परिश्रम
उठो, दौड़ो, परिश्रम करो|गिरना तय है, गिरने से ना गिरने की समझ आएगी | तो डरना क्यों, परिश्रम करते रहिए| फल अवश्य मिलेगा|
किशनपुरा गाँव मे एक लड़का रहता था| उसका नाम राज था|राज बहुत मेहनती था|हर चुनौती को वह हँसकर गले लगा लेता था|लेकिन उसकी चुनौतिया कभी कम ही नही हुई|
एक दिन वह मार्केट गया, कुछ सामान लेने | सामान लेकर जैसे ही वह मार्केट से निकला उसका दायां पैर ने काम करना बंद कर दिया|वह जैसे चलने की कोशिश करता चल नही सकता था | जैसे मानो उसका पैर है ही नही |उसके मम्मी पापा ने राज को हॉस्पिटल में भर्ती कराया|जांच के दौरान पता चला कि, उसकी मेरुदंड में सूजन आ गई हैं| डॉक्टर ने राज से कहा "राज आपकी मेरुदंड में सूजन है इस बीमारी का कोई इलाज नही है लेकिन आपको कसरत करनी है| उससे सूजन कम होगी|"
घर जाने के बाद राज हर दिन कसरत करता था|सुबह,शाम,दिन,रात उसने एक कर दिया|कुछ महीनों बाद एक दिन ऐसा भी आया जब उसका परिश्रम रंग लाया और उसकी मेरुदण्ड की सूजन चली गई| लेकिन वह फिर भी चल नही सकता |डॉक्टर ने जांच की, जांच में पत्ता चला कि सूजन चली गई है, लेकिन नस को damage कर गई |नस को ठीक होने के लिये वापस के राज ने और exercise करनी शुरु कर दी|जिससे नस ठीक हो सके|एक दिन उसकी मेहनत अवश्य रंग लाएगी और उसकी नस repair होगी|
(brahma maurya)
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